मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में लगाए गए साऊण्ड सिस्टम बार बार खराब होते रहे
पायनियर संवाददाता-कसडोल
शासन प्रशासन द्वारा लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी वीर भूमि सोनाखान में आयोजित कार्यक्रम में अव्यवस्था ही अव्यवस्था नजर आई। मुख्यमंत्री के आगमन में आयोजित कार्यक्रम में लगाए गए साऊण्ड सिस्टम बार बार फेल होते रहे तो कार्यक्रम में आए जन मानस के लिए भोजन करने के लिए न तो छाया थी और न ही बैठने के लिए दरी । छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह के शहादत दिवस 10 दिसम्बर को उनके जन्मस्थली एवं कर्मभूमि सोनाखान में प्रति वर्ष आदिम जाति कल्याण विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाता है । इसी तारतम्य में इस वर्ष भी विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा शहादत दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया जिसमें प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल अनेक मंत्रियों के साथ शामिल हुए । इस साल किए गए आयोजन में अन्य वर्षों की तुलना में अव्यवस्था ही अव्यवस्था नजर आई । मुख्यमंत्री का कार्यक्रम होने के बावजूद कार्यक्रम के लिए स्तरहीन साऊण्ड सिस्टम लगाए गए थे जो बार बार फेल होते रहे ।कार्यक्रम संचालन कर रहे अधिकारियों को साऊण्ड सिस्टम वाले को बार बार हिदायत देना पड़ रहा था ।कार्यक्रम में दूर दराज से आए लोगों के लिए विभाग द्वारा भोजन व्यवस्था तो किया गया था लेकिन आगंतुकों के बैठकर भोजन करने के लिए छाया के लिए न तो पण्डाल लगाए गए थे और न ही बैठने के लिए दरी या कारपेट बिछाए गए थे । भूखे प्यासे जन मानस को खुले आसमान के नीचे धूप में धूल धूसरित भूमि में बैठकर भोजन करने के लिए विवश होना पड़ गया ।बैठने की व्यवस्था नहीं किए जाने से आम जन मानस एवं जनप्रतिनिधियों में नाराजगी देखने को मिली । कुछ जनप्रतिनिधि विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की लापरवाही पूर्ण रवैये की शिकायत मुख्यमंत्री से करने की बात कर रहे थे ।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से नाराजगी
वीर भूमि सोनाखान में आयोजित होने वाले हर साल के कार्यक्रम में प्रथम नागरिक होने के कारण ग्राम पंचायत के सरपंच क्षेत्रीय जनपद एवं जिला पंचायत सदस्य को बकायदा आमंत्रित किया जाता रहा है लेकिन इस साल के आमंत्रण पत्र में ग्राम पंचायत के प्रथम नागरिक फलित विनय साहू का न तो नाम था और न ही उन्हें मंच पर आमंत्रित किया गया । सरपंच के अलावा जनपद सदस्य तीजू राम बरिहा एवं जिला पंचायत सदस्य संत कुमारी बरिहा को भी आमंत्रित नाम किया गया था । निर्वाचित जन – प्रतिनिधियों की उपेक्षा किए जाने से जनप्रतिनिधियों के साथ साथ क्षेत्रवासियों में घोर नाराजगी है इसके लिए क्षेत्रवासी आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारी कर्मचारी एवं एस डी एम को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं ।

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