February 21, 2024

‘मौत को चकमा’ देकर लौटी थीं ‘आशिकी गर्ल’ अनु अग्रवाल

फिल्म ‘आशिकी’ से रातोंरात स्टारडम पाने वालीं ऐक्ट्रेस अनु अग्रवाल की 1999 में ऐक्सिडेंट होने के बाद जिंदगी ही तहस-नहस हो गई थी। हाल ही दिए इंटरव्यू में अनु अग्रवाल ने उस ऐक्सिडेंट से लेकर बॉलिवुड से दूरी की वजह पर कई खुलासे किए।

अनु अग्रवाल ने फिल्म ‘आशिकी’ से बॉलिवुड में डेब्यू किया था और रातोंरात स्टार बन गई थीं। इस फिल्म के बाद अनु अग्रवाल को लोग ‘आशिकी गर्ल’ के नाम से जानने लगे थे। डेब्यू फिल्म के बाद अनु अग्रवाल ने कई और हिंदी फिल्मों और हॉलिवुड तक में काम किया…पर एक हादसे ने उनकी जिंदगी तहस-नहस कर दी।

अनु अग्रवाल ने हाल ही हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में उस हादसे से लेकर अपने करियर, स्टारडम और कोमा में रहने तक के दिनों को याद किया और बताया कि कोमा से बाहर आने के बाद वह वापस बॉलिवुड क्यों नहीं गईं?

अनु अग्रवाल साल 1999 में एक ऐक्सिडेंट का शिकार हुईं। उस भीषण ऐक्सिडेंट को याद करते हुए वह बोलीं, ‘साल 1999 में मेरा ऐक्सिडेंट हुआ और मैं कोमा में चला गया। ऐक्सिडेंट से पहले मैं एक आश्रम में रहती थी, जहां मैं आध्यात्म ले रही थी और नाम भी अलग था। ऐक्सिडेंट के बाद मुझे अपने आध्यात्मिक नाम के सिवाय कुछ याद नहीं था। 2001 में मैंने संन्यास ले लिया और अपना सिर मुंडवा लिया।’

लिपस्टिक लगाना तक भूलीं, लगा था झटका- अनु अग्रवाल ने बताया कि उस ऐक्सिडेंट के बाद वह लिपस्टिक लगाने का तरीका तक भूल गई थीं। वह बोलीं, ‘मैं बस एक बैग लेकर घूमती रहती। ह्यूमन साइकॉलजी को समझती रही। 2006 में मैं वापस आई और लोगों से मिलने लगी। मेरे घर के पास प्रेसवालों को हुजूम रहता। मैं प्यार से उनका अभिवादन करती थी। ऐक्सिडेंट के बाद मैं यह तक भूल गई थी कि लिपस्टिक कैसे लगाते हैं। फिर लोगों ने मेरी ‘BEFORE’ और ‘AFTER’ तस्वीरें पोस्ट करनी शुरू कर दीं। मेरी बिना मेकअप वाली तस्वीरें वायरल हो गईं। अपने आसपास यह सब देख मैं शॉक में थी। मैं ठीक होने की कोशिश कर रही थी। प्रेस और मीडिया वाले मेरे बारे में कुछ भी लिखने और उन तस्वीरों को पोस्ट करने के बजाय चुप रह सकते थे। अगर वो ठीक होने में मेरी मदद नहीं कर सकते थे तो कम से कम मेरे बारे में वो डरावनी चीजें और बातें न बोलते?’

अनु अग्रवाल ने इसलिए नहीं की फिल्मों में वापसी-यह पूछे जाने पर कि कोमा से बाहर आने के बाद उन्होंने ऐक्टिंग में वापसी क्यों नहीं की, अनु अग्रवाल ने कहा, ‘2007-08 के आसपास मुझे एक हॉलिवुड फिल्म मिली थी, पर मैं यह सब नहीं करना चाहती थी। मैं योग पर काम करना चाहती थी। लोगों और उनके माइंडसेट के बारे में और जानना चाहती थी। लोगों ने मेरे बारे में बातें बनानी शुरू कर दीं पर उन्होंने यह नहीं सोचा कि मेरे अंदर फीमेल पावर और फीमेल एनर्जी जागृत हो रही थी। उसमें कोई नुकसान नहीं हुआ था।’

‘अगर मुझे सिर्फ फिल्में ही करनी होतीं तो मैंने 10 साल पहले ही कर ली होतीं। 20 साल पहले ही मैं हॉलिवुड प्रॉजेक्ट साइन कर लेती, पर मेरी खोज किसी और चीज के लिए थी। मेरी इच्छाएं, मेरी जरूरत और मेरी भूख थी कि लोगों के लिए कुछ कर सकूं। अब मैं इंसान के दिमाग के बारे में अधिक से अधिक जानने की कोशिश कर रही हूं। जैसे कि लोग किस तरह डिप्रेशन से दूर रह सकते हैं। लोगों को एंग्जाइटी या असफलता क्यों महसूस होती है? ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जिनके मैं जवाब जानना चाहती थी। ऐसा करने के लिए मुझे बॉलिवुड से दूर होने की जरूरत थी।’

स्टारडम मिला पर साथ में मुश्किलें भी-इस इंटरव्यू में अनु अग्रवाल ने बताया कि ‘आशिकी’ की सक्सेस के बाद उन्हें किस तरह की तकलीफों से गुजरना पड़ा और किस तरह उन्होंने स्टारडम को संभाला। वह बोलीं, ‘मुझे बहुत अच्छे रोल मिले, लेकिन मैं अडिग थी कि कुछ बहुत ही शानदार करूंगी। मैं सिर्फ पेड़ों के आगे-पीछे ही नहीं दौड़ना चाहती थी। राकेश रोशन और मणिरत्नम ने मुझे कॉल किया। एक हॉलिवुड फिल्म का ऑफर भी मिला, लेकिन फिल्म करने से पहले मैं स्क्रिप्ट अपने पास चाहती थी। कुछ फिल्में चलीं तो कुछ नहीं। उस वक्त मैं मॉडलिंग भी कर रही थी और अकेले घर भी संभाल रही थी।’

बॉयफ्रेंड से भी टूट गया था रिश्ता-अनु अग्रवाल ने आगे कहा, ‘इंडस्ट्री में मेरा कोई शुगर डैडी नहीं था। एक बॉयफ्रेंड था जो शहर से बाहर था। लॉन्ग डिस्टेंस के कारण हमारा रिश्ता भी दिन-ब-दिन दम तोड़ रहा था। मैं एकदम अकेली थी।’

अब ऐसी है अनु अग्रवाल की जिंदगी- अनु अग्रवाल ने खुद को योग से ही ठीक किया था और अब वह योग वाली ही लाइफस्टाइल जी रही हैं। वह एक फिक्स टाइम पर सोती हैं और फिक्स शेड्यूल फॉलो करती हैं। 1997 में अनु अग्रवाल ने आध्यात्म की ओर रुझान के कारण एक यूनिवर्सिटी में ऐडमिशन ले लिया।

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