June 14, 2025

बढ़ाया किराया, घटाई सुविधा

पायनियर संवाददाता .भाटापारा
नई मुसीबत। अब एस्केलेटर की सुविधा बंद। कोरोना काल में चल रही 15 यात्री ट्रेनों में राजधानी के लिए सबसे ज्यादा संख्या में चल रहे यात्री स्टेशन पर एस्केलेटर की सुविधा बंद होने से परेशान होने लगे हैं। हालांकि लिफ्ट फैसिलिटी चालू है लेकिन क्षमता तय है इसलिए इंतजार की बजाए सीढयि़ां हीं चढ़ी जा रही है वह भी बेहद मजबूरी में।
कोरोना कॉल में लंबे समय के बाद चालू हुई रेल परिवहन सेवा ने राहत तो दी है लेकिन साथ में इतनी ज्यादा संख्या में शर्तें लाद दी है कि इस बोझ के तले यात्री दबता ही जा रहा है। कोई मतलब नहीं है नियम बनाने वाले रेल अधिकारियों को। पहले यात्री टिकट की दरें बढ़ाई। फिर रिजर्वेशन पर ही यात्रा की अनुमति। बाद में कैंसिलेशन चार्ज की दरें भी बढ़ा दी गई लेकिन एक चीज जो नहीं दी वह है ट्रेनों में भोजन और नाश्ता की सुविधा। अब पूरी तरह सुविधाहीन हो चली रेल यात्रा की सूची में एक और बात जोड़ी जा सकती है वह है स्टेशन में एस्केलेटर की सुविधा का बंद कर दिया जाना। लिफ्ट चालू है लेकिन इससे भी बचा जा रहा है।
एस्केलेटर बंद और लिफ्ट चालू- प्रदेश के कोने-कोने से नौकरी, व्यवसाय और खरीददारी के सिलसिले में सबसे ज्यादा यात्री राजधानी आते हैं। लिहाजा यात्रियों का दबाव इसी स्टेशन पर सबसे ज्यादा है लेकिन छीनी जाती सुविधाओं के बाद भी दिक्कतों के बीच यात्रा करते रायपुर पहुंच रहे यात्री तब और भी ज्यादा परेशान होता है जब जानकारी मिलती है कि एस्केलेटर बंद है इसलिए लिफ्ट या सीढयि़ों की मदद लें। इंतजार से बचने के लिए सीढयि़ां चढ़कर ही बाहर निकलना पड़ रहा है। यह क्यों बंद की गई जैसे सवाल मत कीजिए क्योंकि हर जिम्मेदार का जवाब अलग-अलग मिलेगा।
यहां भी हाल ऐसा ही- न्यायधानी का हाल भी जान लेना सही होगा। यहां इस समय लिफ्ट और एस्केलेटर दोनों सुविधाएं बंद होने की जानकारियां सामने आ रही है। हाई कोर्ट होने के अलावा बिलासपुर में रेलवे का जोनल मुख्यालय भी है और बिलासपुर संभाग की व्यवसायिक जरूरतें भी इसी शहर से पूरी होती है। ऐसे में रेल सेवा से जुड़े अधिकारी, एडवोकेट और पक्षकार के अलावा कारोबारियों का आना और जाना निरंतर बना हुआ है। इसलिए यह दोनों सुविधा जरूरी थी लेकिन तर्कों के जाल में यह सेवाएं इस मजबूती से जकड़ी जा चुकी है कि इन सेवाओं का फिलहाल इस जाल से बाहर आ पाना मुश्किल ही है।
यहां शांति- दुर्ग राजधानी और न्यायधानी के बाद तीसरा सबसे बड़ा स्टेशन। स्टील सिटी को जोडऩे वाले इस स्टेशन में एस्केलेटर की सुविधा चालू है। लाभ भी मिल रहा है जांच परख के बीच सहयोग की भी जानकारी आ रही है। कड़ाई तो है लेकिन उसमें रूखापन नजर नहीं आता पर एक बात अखरने वाली है कि यहां लिफ्ट की सुविधा बंद हो चुकी है लेकिन एस्केलेटर की चलती सीढिय़ां परेशानी से राहत दिला रही है।

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