February 21, 2024

इन्हें खाएंगे तो नहीं पड़ेंगे कभी बीमार!

लहसुन एक ऐसा नैचुरल एंटीबायोटिक्स है जो एंटीफंगल और एंटीवायरल का काम करता है। 1999 की एक रिसर्च में पाया गया था कि लहसुन मे विटामिन, न्यूट्रिएंट्स और मिनरल्स पाए जाते हैं जो

कि बैक्टीरिया दूर करने में बहुत मदद करते हैं। आपको 2 से 3 लहसुन खाली पेट खाना चाहिए। आप खाने में भी लहसुन मिला सकते हैं।

शहद-शहद को सबसे अच्छा घरेलू एंटीबायोटिक माना गया है। इसमें एंटीसेप्टिक, सूक्ष्मजीवीरोधी और प्रज्वलनरोधी तत्व शामिल हैं। 2014 की एक रिसर्च के मुताबिक, शहद में अलग-अलग स्तर पर इंफेक्शन से लडऩे के गुण मौजूद होते हैं। इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। रोजाना दालचीनी में बराबर मात्रा में शहद मिलाकर पीने से लाभ होता है।

हल्दी-हल्दी आयुर्वेदिक और चाइनीज मेडिसीन मानी जाती है। बैक्टीरिया को नष्ट करने में हल्दी का इस्तेमाल किया जाता है। शरीर में होने वाली कई तकलीफों को इस नैचरल एंटीबायोटिक से दूर किया जा सकता है। एक चम्मच हल्दी में 5 से 6 चम्मच शहद मिलाकर इसे एयरटाइट जार में बंद कर दें और रोजाना आधा-आधा चम्मच इस मिक्सर को लें।

अदरक-बैक्टीरिया से होने वाली हेल्थ प्रॉब्लम्स को नैचरल एंटीबायोटिक अदरक ना सिर्फ ठीक करती है बल्कि हेल्थ प्रॉब्लम्स से बचाती भी है। खाने से होने वाली समस्याओं को ताजा अदरक खाकर दूर किया जा सकता है। अदरक की चाय पीने से बैक्टीरिया इंफेक्शन खत्म करने में बहुत मदद मिलती है। आप चाहे तो 1 इंच लंबी अदरक का टुकड़ा लें उसे डेढ़ कप पानी में उबालकर पी सकते हैं। आप चाहें ता शहद और नींबू में अदरक डालकर पी सकते हैं। खाने में भी अदरक डाल सकते हैं।

नमक का पानी-नमक का पानी पीने से ब्लड प्रेशर सामान्य हो जाता है। दरअसल, नमक में सोडियम मौजूद होने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है। ध्यान रहें, नमक की मात्रा इतनी भी ना दें कि इसे स्वास्थ्य गड़बढ़ा जाए। बहुत ज्यादा मात्रा में नमक सेहत के लिए फायदेमंद नहीं माना जाता। कम ब्लड प्रेशर में एक गिलास पानी में डेढ़ चम्मच नमक मिलाकर पिला दें।

कॉफी-स्ट्रांग कॉफी, हॉट चॉकलेट, कोला और कैफीन युक्त खाद्य पदार्थ कम रक्तचाप में खिलाने से ब्लड प्रेशर तुरंत सामान्य हो जाता है। अगर आपको अक्सर निम्न रक्तचाप रहता है तो आपको रोजाना सुबह कॉफी का एक कप पीना चाहिए। लेकिन साथ में कुछ खाएं भी। लेकिन इसे आदत में शामिल ना करें क्योंकि अधिक कैफीन के नुकसान भी होते हैं।

किशमिश-किशमिश को पारंपरिक आयुर्वेदिक दवा के रूप में देखा जाता है। कम रक्तचाप होते ही किशमिश खाना बेहद फायदेमंद होता है। रात मे 30 से 40 किशमिश भिगो दें और सुबह खाली पेट खा लें। जिस पानी में किशमिश भिगोई थी आप उस पानी को भी पी सकते हैं। महीने में आप ऐसा एक बार कर सकते हैं। आप चाहे तो एक गिलास दूध में 4-5 बादाम, 15-20 मूंगफली और 10 से 15 किशमिश भी मिलाकर खा सकते हैं।

तुलसी-तुलसी कम होते बीपी को सामान्य करने में मददगार साबित होते हैं। इसमें विटामिन सी, पोटैशियम, मैग्नीशियम जैसे कई तत्व पाए जाते हैं जो दिमाग को संतुलित करते हैं और तनाव को भी दूर करते हैं। जूस में 10 से 15 पत्तियां डाल दें। एक चम्मच शहद डाल दें और रोजाना खाली पेट पीएं।

लेमन जूस-लेमन जूस यूं तो उच्च रक्तचाप में काफी कारगर होता है लेकिन ये निम्न रक्तचाप में भी फायदेमंद होता है। खासतौर पर जब डीहाइड्रेशन हो गया हो। कई बार लेमन जूस में हल्का सा नमक और चीनी डालकर पिया जा सकता है। इससे बॉडी को एनर्जी मिलेगी। साथ ही लीवर भी सही से काम करेगा।

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