पायनियर संवाददाता-राजनांदगांव
आखिरकार संकुल समन्वयक ईश्वर टंडन के खिलाफ विभाग को निलंबन की कार्रवाई करनी ही पड़ी। दो वर्ष से अधिक पुराने मामले में तत्कालीन कलेक्टर ने ईश्वर टंडन के विरुद्ध निलंबन के आदेश जारी किए थे। बावजूद इसके अब तक गंभीर आरोपों को लेकर दोषी पाए गए टंडन के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई थी। इस बीच उन्हें अवैधानिक रुप से विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) राजनांदगांव ने सदर बाजार का संकुल समन्वयक बना दिया था। इस मसले को लेकर भी कलेक्टर के अनुमोदन पर बीईओ को नोटिस थमाई गई है।
इस पूरे मामले में संकुल समन्वयक ईश्वर टंडन के साथ ही अब बीईओ एनके पंचभावे भी घिरते नजऱ आ रहे हैं। दरअसल, उन्होंने विकासखंड में बगैर सक्षम अधिकारी से अनुमोदन प्राप्त किए कई अपात्रों को संकुल समन्वयक की जिम्मेदारी सौंपी है। निलंबित किए गए ईश्वर टंडन की संकुल समन्वयक बतौर नियुक्ति को लेकर बीईओ को जारी नोटिस ने यह प्रमाणित भी कर दिया है। इसी संदर्भ को लेकर अब बीईओ के खिलाफ शिकायतें की तैयारियां की जा रही हैं।
कलेक्टर के आदेश की अवमानना मामले को लेकर पायनियर लगातार खुलासा करता रहा। इस बीच मौजूदा कलेक्टर टीके वर्मा ने इस संबंध में जांच के आदेश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए थे। जांच अधिकारी कैलाश शर्मा ने इस संबंध में अपनी जांच में कई खुलासे किए। पता चला कि दो वर्ष 13 अगस्त 2018 को अनुसूचित जाति बालक आश्रम मुढ़ीपार में प्रभारी अधीक्षक के पद पर पदस्थ रहने के दौरान गंभीर शिकायतों को लेकर ईश्वर टंडन के निलंबन के आदेश तत्कालीन कलेक्टर ने जारी किए थे। लेकिन विभागीय अफसरों द्वारा इस आदेश की अवमानना की गई और टंडन का स्थानांतरण तो कर दिया गया पर निलंबन की कार्रवाई नहीं की गई।
गौरतलब है कि लगातार मिल रही शिकायतों के बीच 25 जुलाई 2018 अनुसूचित जाति बालक आश्रम मुढ़ीपार का तहसीलदार ने औचक निरीक्षण किया था। उस दौरान ईश्वर टंडन यहां प्रभारी अधीक्षक बतौर पदस्थ है। उनके विरुद्ध जांच के दौरान छात्रों ने शिकायत की। इसके अतिरिक्त पदेन कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, निर्देशों की अवहेलना, स्वेच्छाचारिता व अनुशासनहिनता जैसे कई मामलों को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी।
13 अगस्त 2018 को तत्कालीन कलेक्टर भीम सिंह ने निलंबन के आदेश जारी किए थे। इस आदेश पर दो साल बाद भी कार्रवाई नहीं हो सकी थी। दो साल बाद हुई निलंबन की कार्रवाई के बाद सहायक शिक्षक (पं) ईश्वर टंडन को विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय खैरागढ़ में संलग्न किया गया है।
दर्जनों अपात्र को बनाया समन्वयक
कलेक्टर टीके वर्मा के आदेश पर हुई जांच ने शिक्षा विभाग में चल रही अंधेरगर्दी को उधेड़ कर रख दिया है। जांच अधिकारी कैलाश शर्मा ने प्रतिवेदन में स्पष्ट किया है कि ईश्वर टंडन संकुल समन्वयक के पद हेतु पात्र थे ही नहीं। इससे भी जरुरी यह कि ऐसे किसी व्यक्ति को संकुल समन्वयक बनाए जाने से पहले सक्षम अधिकारी से अनुमोदन लिया जाना था। बीईओ ने इस प्रक्रिया का पालन न करते हुए सीधे आदेश जारी कर टंडन को जिम्मेदारी सौंप दी। जानकारी है कि ऐसे ही दर्जनों संकुल समन्वयक की नियुक्ति बीईओ एनके पंचभावे के कार्यकाल के दौरान की गई है। इस पूरे मामले को लेकर बीईओ पंचभावे कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
थमाई गई नोटिस
जांच प्रतिवेदन में हुए खुलासे के बाद बीईओ एनके पंचभावे भी गंभीर मसले में घिरते नजऱ आ रहे हैं। संकुल समन्वयक के पद पर अपात्र ईश्वर टंडन की नियुक्ति को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी ने बीईओ पंचभावे को नोटिस थमा दिया है। टंडन की नियुक्ति को नियम विरुद्ध करार देते हुए उनके इस कृत्य को कर्मचारी आचरण संहिता के विपरित करार दिया गया है। नोटिस में कहा गया है कि क्यूं न इस कृत्य के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। कलेक्टर द्वारा अनुमोदित इस नोटिस में बीईओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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