February 20, 2026

नगर पालिका की दोहरी नीति की जांच करेंगे एडीएम

पायनियर संवाददाता .जशपुरनगर
नगर पालिका परिषद् जशपुर की मनमाना नीति की जांच एडिशन कलेक्टर करेंगे। २४ प्रतिशत बिलो की दर के टेंडर को कैंसिल करने का प्रस्ताव पारित करने वाली परिषद् के फैसले की जांच का आदेश कलेक्टर महादेव कावरे ने एडीएम को दिया है। २४ ्रप्रतिशत बिलो में काम लेने वाली एमएस कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक शकील खान ने मामले की शिकायत कलेक्टर कावरे के समक्ष की और नगर पालिका की मनमानी के बारे में बताया। उन्होंने कलेक्टर को लिखित में दिए ज्ञापन में कहा कि नगर पालिका में निर्माण कार्यों में दोहरी नीति अपनाकर पक्षपात रवैया अपनाया जा रहा है। अप्रेल माह में विधिवत टेंडर जारी होने के बाद २४ प्रतिशत में हासिल किए गए काम का वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया जा रहा है जबकि हाल ही में २८.१० प्रतिशत बिलो में लिए गए टेंडर के कार्य को आदेश जारी किया गया है और निर्माण कार्य चल रहा है।
लिखा आप ही बताएं टेंडर दर
्रएमएस कंस्ट्रक्शन के संचालक शकील खान ने मुख्य नगर पालिका को लिखे पत्र में कहा कि अबतक चली आ रही टेंडर प्रक्रिया के तहत राशि भरकर टेंडर हासिल किया गया। जिसके बाद परिषद् की बैठक में उक्त राशि को स्वीकारने से इंकार किया जा रहा है। इस संबंध में शकील खान ने कहा कि नगर पालिका ही टेंडर की वह दर तय कर दे जिसे भरकर अविवादित टेंडर हासिल किया जा सके।
यह है मामला
सबसे कम दर की बोली लगाकर निविदा हासिल करने वाले एमएस कंस्ट्रक्शन के संचालक ने बताया कि उन्होंने ४० कार्यों के लिए अलग-अलग दर भरकर न्यूनतम २४ प्रतिशत में ठेका हासिल किया है। इस न्यूनतम दर को आधार बनाकर टेंडर निरस्त करने की योजना बनाई जा रही है और अनुबंध पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि जिस नगर पालिका के द्वारा २४ प्रतिशत बिलो की दुहाई दी जा रही है उसी के द्वारा २८ प्रतिशत तक बिलो की दर से टेंडर दिया जा चुका है और काम भी कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि विधिवत टेंडर जारी होने और दर ओपन करने के बाद ठेकेदार को काम से वंचित करना नियम के विपरीत है और उसे न्यायालय में चुनौति दी जाएगी।

टेंडर प्रक्रिया अपनाए जाने के बाद कार्य आदेश जारी नहीं करने के संबंध में शिकायत मिली है। इसकी जांच के लिए एडीएम को आदेशित किया गया है।
-महादेव कावरे, कलेक्टर जशपुर

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