February 21, 2024

तुर्री धाम के बाबा भोलेनाथ की महिमा है,अपरंपार,तुर्रीधाम के भोलेनाथ के दर्शन मात्र से ही लोगों की मन्नते होती है पूरी

देश के विभिन्न राज्यों से सावन में जलाभिषेक करने पहुंचते हैं शिव भक्त कावड़िये

26 जुलाई को सावन की शिवरात्रि के पावन पर्व पर लोगों ने किया शिवजी का अभिषेक

तुर्री धाम में विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा अपने आराध्य देवी-देवताओं के मंदिरों की की गई है स्थापना

सक्ती– रायपुर के हरियाणवी परिवार ने भी विगत 2 वर्ष पूर्व पहाड़ के ऊपर बनाया मां जगदंबे भवानी का विशाल मंदिर

छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने मंदिर परिसर में करवाई ठंडे पानी के बड़े वाटर कूलर की स्थापना

सक्ती- कहते हैं कि बाबा भोलेनाथ की सावन माह में आराधना एवं आस्था अपने आप में एक मिसाल है, तथा देश के विभिन्न ज्योतिर्लिंगों में भी सावन माह में जहां शिव भक्तों का आस्था देखने को मिलती है, तो वही बाबा बैजनाथ धाम, उड़ीसा के घोघर धाम सहित देश के विभिन्न तीर्थ स्थलों में लोग पैदल यात्रा कर जलाभिषेक करते हैं

इसी तारतम्य में छत्तीसगढ़ प्रदेश के नवीन शक्ति जिले के शक्ति विकासखंड के शक्ति शहर से लगभग 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित तुर्री धाम की महिमा अपरंपार है, यहां दशकों से स्थापित बाबा भोलेनाथ का पुराना प्राचीनतम मंदिर है, तथा इस मंदिर के अंदर स्थापित बाबा भोलेनाथ की शिवलिंग पर बारहों महीने अनवरत जल की धारा बहती है, तथा यह पानी कहां से आता है इसे कोई नहीं जानता, प्रतिवर्ष सावन माह में यहां हजारों की संख्या में शिव भक्त कावरिये उड़ीसा प्रदेश सहित अन्य राज्यों से आकर 13 किलोमीटर की पैदल कावड़ यात्रा कर जलाभिषेक करते हैं, तो वहीं बारहों महीने तुर्री धाम में लोगों का दर्शन करने हेतु ताता लगा रहता है, तुर्री धाम की काफी मान्यताएं हैं कि बाबा भोलेनाथ से जो यहां मन्नते मांग कर जाते है उनकी सारी मन्नते पूरी होती हैं

तथा तुर्रीधाम के बाबा भोलेनाथ भी अपने भक्तों के ऊपर पूरा आशीर्वाद बनाए हुए हैं, तथा तुर्री धाम मंदिर के सामने स्थित नदी में भी अनवरत पूरे वर्षभर पानी बहता रहता है, तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा भी तुर्री धाम मंदिर में सावन एवं प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के पर्व पर दर्शन तथा मेले की भी विशेष व्यवस्था की जाती है

वही तुर्री धाम में विकासखंड सहित आसपास के कई सामाजिक संगठनों द्वारा भी अपने आराध्य देवी-देवताओं के मंदिरों का भी निर्माण कर निरंतर इनमें पूजा अर्चना की जा रही है, वहीं तुर्री धाम मंदिर से लगे पहाड़ के ऊपर ही मां जगदंबे भवानी मंदिर की भी सुंदर स्थापना शक्ति एवं रायपुर के हरियाणवी परिवार द्वारा विगत 2 वर्ष पूर्व की गई है, तथा यहां स्थापित मां जगदंबे भवानी की भी सुंदर प्रतिमा लोगों की आस्था का बड़ा केंद्र बनी हुई है, वहीं 26 जुलाई को भी सावन की शिवरात्रि के मौके पर हजारों की संख्या में शिव भक्तों ने सपरिवार पहुंचकर भगवान शिव जी का अभिषेक किया, तो वही पूजा-अर्चना भी की वही तुर्री धाम में इस वर्ष भी सावन सोमवार से ही शिवभक्त कांवड़ियों का आना प्रारंभ हो गया है जो कि पूरे सावन भर चलेगा शिव भक्तों का मानना है कि वे यहां उड़ीसा से सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर सकती पहुंचते हैं तथा त भगवान शिव जी पर उनकी आस्था है, एवं उनके दर्शन मात्र से ही उनकी सारे दुखों का निराकरण हो जाता है, तो वहीं उनकी मन्नतें भी पूरी होती हैं, वही मंदिर परिसर में ठीक बगल में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत और आने वाले श्रद्धालु भक्तजनों के लिए बड़े ठंडे पानी की वाटर कूलर की भी स्थापना की गई है, तथा निरंतर मंदिर परिसर की व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन भी काफी ध्यान देता है

 

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