July 13, 2024

शहर से बाहर कलेक्ट्रेट कार्यालय बनने की चर्चाओं को लेकर शहर वासियों में आक्रोश

नवीन जिले सक्ती के जिला कार्यालयों की शहर में स्थापना को लेकर सर्वदलीय मंच के लोग जुटेगे 12 दिसंबर को हटरी धर्मशाला में

सक्ती-15 अगस्त को प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा शक्ति को नवीन जिले का दर्जा दिए जाने की घोषणा के बाद से जिला कार्यालय के स्थान चयन को लेकर चर्चाएं जोरों से चल रही थी, किंतु इसी बीच विगत दिनों जांजगीर-चांपा जिला प्रशासन के अधिकारियों के शक्ति प्रवास के दौरान अनौपचारिक चर्चा में शहर से बाहर अस्थाई रूप से जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के प्रारंभ होने की संभावित चर्चाओं से शहरवासी नाराज देखे जा रहे हैं

तथा शक्ति शहर में 12 दिसंबर को सुबह 11:00 बजे से हटरी चौक स्थित हटरी धर्मशाला में सर्वदलीय मंच की एक बैठक आयोजित की गई है, जिसमें सभी राजनीतिक दलों, स्वयंसेवी, सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक, संस्थाओं के प्रतिनिधियों एवं शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को भी इस बैठक में आमंत्रित किया गया है, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 12 दिसंबर को होने वाली सर्वदलीय मंच की बैठक में नवीन जिले के समस्त जिला कार्यालयों की स्थापना शक्ति शहर के अंदर ही उचित स्थान का चयन करने पर भी रणनीति बनेगी

साथ ही बैठक के माध्यम से सर्वदलीय मंच के लोग प्रशासन एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से मिलकर जन भावनाओं से अवगत कराएंगे,साथ ही इस बैठक में आगे की रणनीति पर भी विचार विमर्श होगा, तथा शहरवासियों का मानना है कि अगर नवीन जिले शक्ति का कलेक्ट्रेट कार्यालय तथा अन्य जिले के दफ्तर शहर के बाहर स्थापित हो गए तो शहर का व्यापार चौपट हो जाएगा, एवं नवीन जिले बनने से मिलने वाले लाभ से शहर के नागरिक वंचित हो जाएंगे, जिसे लेकर लोगों में नाराजगी तथा आक्रोश है,इसी बीच शहर की विभिन्न संस्थाओं ने विगत दिनों स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं प्रभारी मंत्री के समक्ष भी उनके प्रवास के दौरान लिखित ज्ञापन के माध्यम से अपनी भावनाएं जता दी है, किंतु इसके बावजूद नवीन जिले कार्यालय के दफ्तरों की स्थापना को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से जनता आशंकित है, एवं 12 दिसंबर को होने वाली बैठक के पश्चात ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि शहर के नागरिक नवीन जिले की स्थापना के बाद जिला दफ्तरों की स्थापना को लेकर किस मूड में है

वहीं दूसरी ओर विगत वर्षों में भी शहर से न्यायालय एवं एसडीएम कार्यालय के जेठा जाने की चर्चाओं के बीच लोगों ने इसका जमकर विरोध किया था, तथा लोगों का कहना था कि यदि एसडीएम न्यायालय शहर के बाहर चले गए तो फिर शहर में कुछ नहीं बचेगा तथा यही स्थिति नवीन जिला कार्यालय को लेकर चल रही है, तथा अब देखना है कि शहर की जनता की भावनाओं को प्रशासन एवं राज्य शासन में बैठे जनप्रतिनिधि कितनी गंभीरता से लेते हैं, तथा 12 दिसंबर को आयोजित बैठक के बाद 13 दिसंबर को स्थानीय प्रशासन एवं राज्य शासन के वरिष्ठ मंत्रियों को सर्वदलीय मंच द्वारा ज्ञापन दिए जाने की भी चर्चाएं चल रही हैं, एवं ज्ञापन के पश्चात सर्वदलीय मंच के निर्णय के अनुरूप प्रशासन द्वारा पहल नहीं किए जाने पर आंदोलन की भी बात कही जा रही है

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