स्टेशनों में जन-आहार की सुविधा भी हुई बंद
पायनियर संवाददाता-भाटापारा
छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के यात्री ध्यान दें। इन ट्रेनों में यात्रा करने से पहले भोजन की व्यवस्था करने के बाद ही घर से निकलें क्योंकि टेंडर की प्रक्रिया पूरी करने तक पेंट्रीकार की सुविधा नहीं दी जा सकेगी, और हां, यह भी जान लीजिए कि रायपुर और बिलासपुर रेल मंडल के क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले स्टेशनों में मिलने वाली जन-आहार की सुविधा भी बंद की जा चुकी है।
रेल यात्रियों को एक और झटका। खान-पान की सुविधा देने वाले काउंटर बंद होने के बाद अब दो प्रमुख ट्रेनों से पेंट्रीकार की सुविधा बंद की जा चुकी है। यह दो ट्रेन छत्तीसगढ़ को सीधे पंजाब और देश की राजधानी दिल्ली से जोडऩे वाली ट्रेनें हैं। कोरोना काल में झटके पर झटके देती रेलवे का यह झटका उन यात्रियों को आहत कर चुका है जो अमृतसर या निजामुद्दीन के लिए यात्रा कर रहे हैं। याने यात्रा करने से पहले साथ में भोजन की व्यवस्था नहीं की तो पूरी यात्रा भूखे रहकर करनी पड़ेगी क्योंकि जन-आहार तो दूर बिस्किट तक नहीं मिलेंगे। स्टेशनों के काउंटर बंद हैं। साथ ही फेरी लगाकर नाश्ता बेचने वालों तक पर बंदिश लग चुकी है।
इसलिए पेंट्रीकार नहीं
8 माह से बंद इन दोनों ट्रेनों के फिर से परिचालन के पहले टेंडर की प्रक्रिया पूरी करनी थी लेकिन यह काम अब किया जा रहा है। आईआरसीटीसी और रेल प्रबंधन के बीच आपसी सामंजस्य नहीं बन पाने का नुकसान छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के यात्री जिस तरह उठा रहे हैं इससे रेलवे को फिलहाल तो कोई सरोकार नहीं है क्योंकि प्रक्रिया अब चालू किए जाने की जानकारी आ रही है। यह काम यदि हो भी गया तो सुविधा कब मिलेगी जैसे सवाल के जवाब देने से अधिकारी बचते नजर आ रहे हैं।
भूल की तो रहना होगा भूखा
अमृतसर और दिल्ली जाने वाली इन दोनों ट्रेनों के यात्रियों को ध्यान रखना होगा कि इनमें पैंट्रीकार की सुविधा चालू नहीं की जा सकी है इसलिए यात्रा से पहले भोजन की व्यवस्था करके ही यात्रा के लिए निकलें क्योंकि रास्ते में पडऩे वाले स्टेशनों के सभी फूड काउंटरों में ताले लगे हुए हैं। इसलिए भोजन या नाश्ता तो दूर बिस्किट के लिए भी तरसना पड़ सकता है। ट्रेनों में वेंडर की राह भी ना देखें क्योंकि यह भी शर्तों की बेडय़िों में जकड़े जा चुके हैं।
जन-आहार भी बंद
सस्ते में भोजन की जन-आहार की सुविधा भी बंद की जा चुकी है। कारण जानने की कोशिश बेकार है क्योंकि जवाब देने को कोई भी राजी नहीं है। बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव जैसे बड़े स्टेशनों से भी यह सुविधा वापस ली जा चुकी है। ऐसे में यदि टी-स्टाल खोज रहे हों तो यह आपकी भूल ही होगी क्योंकि यह भी बंद है। ट्रेनों में वेंडरों की खोज मत करें क्योंकि यह भी नहीं मिलेंगे। फोन पर भोजन पहुंचाने वाले संस्थानों में भी आर्डर देना भूल होगी क्योंकि इन्हें प्लेटफार्म पर प्रवेश की अनुमति वापस ली जा चुकी है।
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