मंगलवार को डोंगरगढ़ लाया गया आरोपी न्यायिक हिरासत में
पायनियर संवाददाता-राजनांदगांव/डोंगरगढ़
मानव तस्करी का शिकार हुई डोंगरगढ़ की 23 वर्षीय विवाहिता के मामले में पुलिस की विशेष टीम ने राजस्थान से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गौरतलब है कि इससे पहले मानव तस्करी के इस मामले में दिल्ली और हरियाणा के ही लिंक सामने आए थे। इस बीच पुलिस की विशेष टीम ने राजस्थान में छापामार कार्रवाई के दौरान पीडि़ता को खरीदने और उससे शादी करने वाले आरोपी सुरेश कुमार को गिरफ्तार कर एक दिसंबर को डोंगरगढ़ पहुंचाया है। वहीं अब भी इस मामले में दो अन्य आरोपी रेखा व अजय की तलाश जारी है। अब तक मानव तस्करी करने वाले इस अंतर्राज्यीय गिरोह और उससे जुड़े 6 लोगों की गिरफ्तारियां हो चुकी है जिसमें एक महिला व पांच पुरुष शामिल हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी सुरेश कुमार को राजस्थान के जिला झूनझून के सूरतगढ़ इलाके के ग्राम पिलौद से बीते 27 नवंबर को गिरफ्तार किया गया है। यहां अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आरोपी को पेश कर हिरासत की मांग की गई जिसके बाद आरोपी को एक दिसंबर को डोंगरगढ़ थाने पहुंचाया गया। बताया जा रहा है कि साजदा सैय्यद व अन्य आरोपियों ने सुरेश के पास पीडि़ता को बेचकर उससे जबरन शादी करवाई थी।
इस मामले में डोंगरगढ़ थाना प्रभारी अलेक्जेंडर किरो ने बताया कि, आरोपी सुरेश से पूछताछ की जा रही है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। उन्होंने बताया कि आरोपी सुरेश से शादी के बाद महिला ने उसके साथ रहने से इंकार कर दिया था। इस दौरान सुरेश ने भी पीडि़ता का किसी भी प्रकार से शोषण नहीं किया अलबत्ता उसने महिला को वापस भेजने की कोशिश की थी। बुधवार को आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
गौरतलब है कि, बीते दिनों महिला आयोग की अध्यक्ष किरणनायक ने इस मामले में नया मोड़ ला दिया था। उन्होंने मानव तस्करी के इस मामले आरोपियों को में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के एक पूर्व मंत्री का संरक्षण प्राप्त होने का आरोप लगाया था। उन्होंने गिरफ्तार आरोपी को रायपुर के एक पूर्व मंत्री का करीबी तक बता दिया था। उनके इस बयान के बाद इस पूरे मामले में सियासी एंगल भी जुड़ गया है। वहीं इस मामले में आईजी स्पेशल टीम गठित कर चुके हैं जो कि एएसपी प्रज्ञा मेश्राम की अगुवाई में इस मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस को आशंका है कि मानव तस्करी का यह मामला काफी बड़ा है और इसमें आगे कई और खुलासे हो सकते हैं।
पीडि़ता ने नगर छोड़ा
उधर, पीडि़ता ने डोंगरगढ़ से कूच कर दिया है। थाना प्रभारी अलेक्जेंडर किरो ने बताया कि, डोंगरगढ़ में महिला और उसका परिवार किराए के मकान में रह रहा था। पीडि़ता के यहां लौटने के बाद वह परिवार सहित अपने ससुराल चली गई है। वह कहते हैं, हम लगातार पीडि़ता के संपर्क में हैं। गौरतलब है कि मानव तस्करी के इस मामले में चार आरोपी डोंगरगढ़ से ही हैं और इनमें से एक उसके पड़ोस के मोहल्ले का ही रहने वाला है। इसे देखते हुए पीडि़ता और उसके परिवार ने नगर छोडऩा ही बेहतर समझा।
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