लापरवाही से मरीज की मौत के मामले में जिम्मेदारियां करना है तय
पायनियर संवाददाता-राजनांदगांव
कोविड – 19 अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से हुई मौत के मामले में अस्पताल प्रबंधन की जांच रिपोर्ट पर कुछ बिंदुओं में अभिमत मांगा गया है। इसके बाद ही लापरवाही से मरीज की मौत के मामले में जिम्मेदारियां तय करते हुए आगे की कार्रवाई की जानी है। इधर, एडीएम सीएल मारकंडे भी इसी मामले में 18 बिंदुओं पर जांच कर रहे हैं। उन्होंने अब तक घटना के दिन ड्यूटी पर रहे चिकित्सा, स्टॉफ नर्स, ऑक्सीजन सप्लायर सहित अन्य लोगों के बयान लेकर उनसे पूछताछ की है। अब भी यह जांच जारी है।
डायरेक्टर ऑफ मेडिकल एजुकेशन आरके सिंह ने पायनियर को बताया कि, मौजूदा कोविड – 19 अस्पताल में हुई 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत के मामले में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी है। इसमें कुछ बिंदुओं पर अभिमत मांगा गया है। प्रबंधन को तात्कालिक तौर पर अभिमत देने के लिए निर्देशित किया गया है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही इस प्रकरण में जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
प्रबंधन की जांच पर संदेह
मृतक की बेटी ने बताया था कि घटना के दिन किसी अप्रशिक्षित व्यक्ति ने मृतक को ऑक्सीजन लगाया था। पहले से ही बिगड़ी तबियत इसके बाद और बिगड़ती चली गई। इसके बाद स्टॉफ नर्स ने ऑक्सीजन मशीन में कुछ तकनीकी बदलाव किए और इसके कुछ देर बाद ही उनकी मौत हो गई। इस पूरे मामले को लेकर मृतक की बेटी ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन से जांच की मांग की थी। इधर, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव को जैसे ही इस मामले की जानकारी मिली उन्होंने जांच के आदेश दिए। संचालनालय से विभिन्न बिंदुओं पर जांच के लिए निर्देश आए जिस पर प्रबंधन ने ही जांच की। संयुक्त संचालक व अधीक्षक प्रदीप बेक की भी इस पूरे मामले में जमकर फजीहत हुई है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की आवाज़ बुलंद हो रही है।
इस जांच को लेकर भी कई बवाल हुए। जानकारों ने इस जांच को लेकर यह सवाल उठाए कि ऑक्सीजन सप्लाई में मनमानी और चिकित्सक – स्टॉफ नर्स की लापरवाहियों को लेकर सीधे तौर पर प्रबंधन जिम्मेदार है। ऐसे में अगर जांच यही प्रबंधन करेगा तो न्याय कैसे मिल सकता है। अब यही जांच रिपोर्ट डीएमई को सौंपी गई है जिस पर उन्होंने अभिमत मांगा है।
नहीं मिली चिकित्सकीय सहायता
गौरतलब है कि 15 नवंबर को खैरागढ़ निवासी 55 वर्षीय व्यक्ति की कोविड – 19 अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के चलते मौत हो गई थी। चिकित्सकों ने जानकारी दी थी कि ऑक्सीजन का प्रेशर कम होने की वजह से यह हादसा हुआ। मृतक के साथ मौजूद उनकी छोटी पुत्री ने बताया कि आईसीयू में रहने के बावजूद उनके पिता को स्वास्थ्य सुविधाएं बराबर नहीं मिल सकी। स्टॉफ नर्सों द्वारा भी लापरवाही बरती गई और मामला संवेदनशील होने के बावजूद उनकी देखरेख में लापरवाही बरती गई। यह भी आरोप लगे कि कोविड 19 अस्पताल में दाखिल होने के बावजूद उनकी सुध लेने कोई चिकित्सक भी नहीं पहुंचा।
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