नई दिल्ली @cgpioneer.in
नरेंद्र मोदी कैबिनेट में फेरबदल का इंतजार खत्म हो गया। कुल 43 नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह हुआ जिसमें नारायण राणे और सर्बानंद सोनोवाल ने सबसे पहले कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी समेत तमाम दिग्गज नेता मौजूद थे। कैबिनेट विस्तार से पहले कुल 12 नेताओं के मंत्री परिषद से इस्तीफों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंजूर कर लिया। इन नेताओं में रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावड़ेकर, रमेश पोखरियाल निशंक भी शामिल हैं। इसके अलावा श्रम और रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार, रसायन एवं उरर्वक मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. हर्षवर्धन, स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री देबाश्री चौधरी, शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री प्रताप सारंगी शामिल हैं। इसके अलावा वन और पयार्वरण राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो ने भी अपने पद से इस्तीफा दिया है। इससे पहले सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने कनार्टक का राज्यपाल बनाये जाने की घोषणा के बाद त्यागपत्र दिया है।
नारायण राणे, ज्योतिरादित्य सिंधिया, असम के पूर्व सीएम सर्बानंद सोनोवाल और सागर से कई बार के सांसद वीरेंद्र सिंह ने कैबिनेट मिनिस्टर की शपथ ली है। जेडीयू के नेता आरसीपी सिंह, अश्विनी वैष्ण और एलजेपी के नेता एवं चिराग पासवान के चाचा पशुपति कुमार पारस ने भी ली कैबिनेट मंत्री के पद की शपथ। अब तक खेल राज्य मंत्री रहे किरेन रिजिजू ने भी कैबिनेट मंत्री की शपथ ली है। उनके कामकाज की अकसर सराहना की जाती रही है। अब उन्हें प्रमोट करके कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। आरके सिंह ने कैबिनेट मंत्री की शपथ ली है। अब तक वह मोदी सरकार में ऊर्जा राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार रहे हैं। नौकरशाही का लंबा अनुभव होने के चलते उन्हें मोदी सरकार में पसंद किया जाता रहा है। हरदीप सिंह पुरी ने भी कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली है। वह 1974 बैच के आईएफएस अधिकारी रहे हैं। उन्हें भी प्रमोशन मिला है, जिसकी संभावना पहले से ही जताई जाती रही है। पीएम नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात से आने वाले मनसुख मांडविया ने भी कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली। गुजरात से कुल 5 सांसदों को मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है। बीजेपी का बड़ा चेहरा माने जाने वाले भूपेंद्र यादव ने ली कैबिनेट मंत्री की शपथ। पहली बार उन्हें कैबिनेट में शामिल किया गया है। वह राजस्थान से आते हैं और फिलहाल राज्यसभा सांसद हैं। बीजेपी में भी वह महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। गुजरात से आने वाले पुरुषोत्तम रूपाला ने भी कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली। गुजरात में अगले साल ही विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। जी. किशन रेड्डी और अनुराग ठाकुर ने भी कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली है। दोनों नेताओं का प्रमोशन हुआ है। अब तक वे राज्य मंत्री के तौर पर काम कर रहे थे। यूपी के महाराजगंज से सांसद पंकज चौधरी ने राज्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। राज्य के 7 सांसदों को किया जा रहा मंत्री परिषद में शामिल। अब तक 14 कैबिनेट मंत्रियों ने ली है शपथ। अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल ने राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली है। वह मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में भी राज्य मंत्री थीं। वह दूसरी बार यूपी की मिर्जापुर लोकसभा सीट से सांसद बनी हैं। आगरा से लोकसभा सांसद प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल ने राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली है। वह 5वीं बार सांसद चुने गए हैं। यूपी से अब तक अनुप्रिया पटेल, पंकज चौधरी और एसपी सिंह बघेल ने ली राज्य मंत्री की शपथ।
मोदी मंत्रिमंडल से 12 मंत्रियों के इस्तीफे, राष्ट्रपति ने किये मंजूर
केन्द्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार और पुनर्गठन से पहले नये मंत्रियों के लिए जगह बनाते हुए बुधवार को एक के बाद एक 12 मंत्रियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया जिसे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंजूर कर लिया। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार कोविंद ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सलाह पर विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद, सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हर्षवर्धन सहित 12 मंत्रियों के इस्तीफे मंजूर कर लिये। इस्तीफा देने वाले मंत्रियों में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत, शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, श्रम और रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार, रसायन एवं उरर्वक मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री देबाश्री चौधरी, शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री प्रताप सारंगी, जल शक्ति राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया और वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो शामिल हैं। मोदी सरकार के दोबारा सत्ता में आने के बाद पहली बार मंत्रिमंडल का विस्तार और पुनर्गठन किया जा रहा है।

More Stories
प्रधानमंत्री मोदी ने ईसा मसीह के बलिदान और सेवा को किया याद
रामनाथ कोविंद के सेवानिवृत्ति के बाद मिलेगी 2.5-लाख पेंशन
28-29 जुलाई को गुजरात, तमिलनाडु का दौरा करेंगे पीएम मोदी