July 13, 2024

कबीरधाम जिले में अवैध पैथोलॉजी लैब और क्लीनिक की भरमार किसकी मेहरबानी से धड़ल्ले से संचालन

सूचना के अधिकार से हुआ खुलासा

कवर्धा -कबीरधाम जिले भर में शहर से लेकर पंडरिया विकासखंड में अवैध पैथोलॉजी लैब की बाढ़ सी आ गई है। कुछ जगहों पर कलेक्शन सेंटर की आड़ में धड़ल्ले से अवैध पैथोलॉजी लैबों का संचालन किया जा रहा है। ब्लाक मुख्यालय में ही जगह-जगह पैथोलॉजी लैब खोल ली गई हैं और इनकी संख्या में तेजी से इजाफा भी होता जा रहा है। बिना रजिस्ट्रेशन व अधिकृत मान्यता न होने के बावजूद संचालित हो रहीं पैथोलॉजी लैबों की जानकारी होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। सूचना के अधिकार से मिली जानकारी के अनुसार विकासखंड मुख्यालय में केवल एक पैथोलॉजी लैब ही पंजीकृत हैं , लेकिन पंडरिया विकासखंड मुख्यालय में ही कई अवैध लैब कलेक्शन सेंटर की आड़ में चल रही हैं। विकासखंड के मुख्यालय सहित नगर पंचायत पांडातराई , कुकदूर , कोदवागोंडान , कुन्डा , दामापुर सहित कई गावो में संचालित है । यह आंकड़ा दर्जन भर से ज्यादा बताया जा रहा है। इन लैब का संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है और लोगों के सैंपल लेकर जांच की जा रही है।

न योग्यता न रजिस्ट्रेशन

लैब संचालन के लिए शासन द्वारा विधिवत नियम लागू किए गए हैं, लेकिन जिले में आश्चर्यजनक रूप से डीएमएलटी व उनके सहयोगी तक लैब संचालित कर रहे हैं, वे ही रिपोर्ट में साइन करके दे रहे हैं, जबकि लैब संचालक एमबीबीएस,एमडी पैथोलॉजिस्ट होना चाहिए। इतना ही नहीं अवैध तरीके से संचालित हो रहीं लैब के पास न ही नियमानुसार पॉल्यूशन बोर्ड का रजिस्ट्रेशन है और न ही पंजीकृत मेडिकल वेस्ट फर्म का पंजीयन है। लैब के पास पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड का रजिस्ट्रेशन, पंजीकृत मेडिकल वेस्ट सर्विस से एग्रीमेंट, सीएमएचओ ऑफिस का रजिस्ट्रेशन, नगर पालिका का अनुमति पत्र व गुमाश्ता लायसेंस, दुकान का किरायानामा होना आवश्यक है, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर पैथोलॉजी लैब संचालित हो रही हैं।
केवल एक गुप्ता पैथोलॉजी लेब ही पंजीकृत पैथोलॉजी लैब हैं। लेकिन संचालित अन्य लैब अवैध बताई जा रही हैं। अवैध पैथोलॉजी लैब के संचालन के पीछे सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ अमले की मिलीभगत बताई जा रही है। इनके फलने-फूलने के पीछे ऐसे चिकित्सकों की भी कम भूमिका नहीं जो अधिक कमीशन के चक्कर में चिकित्सक इन लैब में अपने मरीजों को जांच के लिए भेज रहे हैं। कई झोलाछाप डॉक्टर तो अपनी क्लिनिक में सेंपल लेकर इन लैब तक पहुंचा रहे हैं।

आखिर जिले की स्वास्थ विभाग है कहां अवैध लैब और क्लीनिक की भरमार

सबसे बड़ा सवाल यह है की स्वास्थ विभाग द्वारा अवैध क्लीनिक और अवैध लैब के संचालन पर कार्यवाही के लिए जो टीम गठित है वो कहां है मुख्य स्वास्थ चिकित्सा अधिकारी कहां है, क्यू अवैध क्लीनिक और अवैध लैब की जिले में भरमार है ,क्या वजह है जो विभाग द्वारा कार्यवाही न कर सिर्फ कार्यलय में कुर्सी में बैठे है मरीजों स्वास्थ के साथ खिलवाड़ हो रहा है क्या ये सब इन जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों को नजर नहीं आती है कही न कही ये बड़ी लापरवाही है स्वास्थ विभाग खुद वेंटीलेटर पर नजर आ रहा है।

Spread the love