July 13, 2024

चांपा के अमरनाथ सोनी के निवास पर चल रही श्रीराम कथा का 4 दिसंबर को चतुर्थ दिवस,राम कथा मनुष्य को जीना सिखाती है-पंड़ित प्रकाश वैष्णव

सक्ती- जांजगीर-चांपा जिले के कोसा,कासा कंचन की नगरी चांपा शहर के समाजसेवी अमरनाथ सोनी, पूर्व नपाध्यक्ष,चांपा के निवास स्थान पर आयोजित श्रीराम कथा के चतुर्थ दिवस पर 4 दिसंबर को सुप्रसिद्ध कथावाचक पंड़ित प्रकाश कृष्ण वैष्णव महराज जी ने कृष्णप्रिया जी ने भगवान श्रीराम के जन्म महोत्सव के पश्चात् बाल लीलाओं, अहिल्या उद्धार, जनकपुर दर्शन की कथा का रसपान कराया,जिसे सुनने बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त आनंदित होकर भक्तिभावना से झुमने लगे! बहुत ही सुन्दर अमृतमयी रामकथा की कुछ मनमोहक झलकियां प्रस्तुत किया गया हैं। आचार्य श्री वैष्णव महराजजी ने कहा कि भगवान राम के अवतरण और बाल लीलाओं की कथा मनुष्य में शक्ति का प्रदर्शन करके बुरी शक्तियों को नाश करने के बजाय उनके विकास में होने लग गया था इसी को त्रेता युग की संज्ञा दी गई हैं। पूरी मर्यादा और आदर्श के साथ भगवान श्रीराम ने अच्छें गुणों को विकसित किया। वास्तव में भगवान राम का चरित्र ही मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आसुरी प्रवृत्तियों पर देवी-देवताओं की विजय गाथा को दर्शाता हैं। आचार्य ने कहा कि कथा मनुष्य को झुकना सिखाता है।जिसप्रकार झुका हुआ वृक्ष कभी भी नहीं टूटता है। बल्कि ऊंचा खड़ा वृक्ष थोडे से ही हवा और तेज़ बारिश से धरा शाही हो जाता है और वह जल्दी ही टूट जाता है। वैसे ही मनुष्य को विनम्रता,प्रेम और सबके प्रति कृतज्ञता का भाव अपनाना चाहिए।कथा श्रवण करने के लिए नारायण साव, अधिवक्ता महावीर प्रसाद सोनी, शरद,अतीत दुबे, विनोद, लक्ष्मी पटेल, शिवराम, कन्हैया, हरिशंकर,अशोक कुमार, शशिभूषण सोनी, सत्यनारायण सोनी, प्रदीप कुमार स्वर्णकार अन्नपूर्णा, मधु,मंजु, शशि, दीप्ति सराफ, गोदावरी,संगीता, गीता, पिंकी,मीरा पत्की, किशोरी, सोमवती, शशिप्रभा, जमुना, हेमा, सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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