February 20, 2026

कलेक्टर ने धान खरीदी केन्द्रों के आधारभूत तैयारियों का जायजा लिया

एक दिसम्बर से होगी समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी

पायनियर संवाददाता कवर्धा

राज्य शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के लिए आगामी एक दिसम्बर से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की शुरूआत हो रही है। इस वर्ष कबीरधाम जिले में 90 समितियों के 94 धान उपार्जन केन्द्रों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जाएगी।

खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए जिले में एक लाख 385 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। कलेक्टर श्री रमेश कुमार शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के बोडला विकासखण्ड के सूदूर और दुर्गम वनांचल क्षेत्रों को सघन दौरा कर नए तथा पूराने धान खरीदी केन्द्रों और धान के अवैध परिवहनों को रोकने के लिए तैयार किए गए अंर्तराज्यीय चेक पोस्ट का निरीक्षण का आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर शर्मा ने बोड़ला के जुनवानी जंगल, रेंगाखार, उसरवाही धान खरीदी केन्द्र और घानीखुंटा नवीन धान खरीदी केन्द्र के विभिन्न आधारभूत व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने धान खरीदी की समुचित व्यवस्था 28 नवम्बर तक पूरा करने के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, धान खरीदी के जिला नोडला अधिकारी व डिप्टी कलेक्टर, जिला खाद्य अधिकारी, जिला सहकारी बैंक, सहकारिता विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। कलेक्टर शर्मा ने बोडला के वनांचल क्षेत्र के भ्रमण के दौरान धान खरीदी स्थल की पर्याप्त उपलब्धता, चबूतरों के स्थिति, उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की तैयारियों की आवश्यक जानकारी ली। उन्होने धान खरीदी प्रभारी, कम्यूटर आपरेटर, डनेज की व्यवस्था, पीने के पानी की व्यवस्था, टायलेट इत्यादी आधारभूत व्यवस्थाओं के संबंध में निर्देश दिए।

कलेक्टर शर्मा ने वनांचल क्षेत्र मध्यमप्रदेश एवं राजनांदगांव जिले के प्रवेश सीमा से धान के अवैध परिवहनों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने धान के अवैध परिवहनों को रोकने के लिए वनांचल के ग्राम खारा, पंडरिया जंगल, और बरेन्डा चेक पोस्ट का निरीक्षण किया।

उन्होंने कहा कि इन चेक पोस्ट के अतिरिक्त वनांचल क्षेत्र के अन्य रास्तों पर की कड़ी निगरानी के निर्देश दिए है। उन्होने वनांचल के सभी चेक पोस्ट में कर्मचारियों की चौबिसों घंटे ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए है। निरीक्षण के दौरान बोडला एसडीएम विनय सोनी, धान खरीदी के जिला नोडल अधिकारी संदीप ठाकुर, जिला खाद्य अधिकारी अरूण मेश्राम, रेंगाखार तहसीलदार सतीश सिंह, खाद्य निरीक्षक अमित द्विवेदी उपस्थित थे।

महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने प्रेस को संबोधित करते हुए बताया कि ग्राम झरगांव, कस्तुरा निवासी शिक्षक चमरू राम व उनकी पत्नी ने आयोग में शिकायत की है कि २० वर्ष पहले जब हॉली क्रास अस्पताल में डॉ. पीसी कुजूर अधीक्षक थे उस दौरान उनकी पत्नी को एक शिशु हुआ। अस्पताल प्रबंधन की ओर से बताया गया कि उसे लड़का हुआ है। वहीं कुछ देर के बाद उन्हें एक नवजात लड़की दी गई जो मृत अवस्था में थी और कहा गया यही आपका शिशु है। और तब से वे अपने द्वारा जन्म दिए बालक शिशु को ढूंढ़ रहे हैं। ढूंढ़ते-ढंूढ़ते उन्हें कुनकुरी विकासखंड के ग्राम बांसपतरा में एक बच्चा दिखा जिसका नाम उसके घर वालों ने कुलदीप रखा है। उसकी शक्ल चमरू बड़ाईक से मिलती है और हावभाव भी परिवार के सदस्यों से मेल खाता है।

इस बिना पर वे कुलदीप को अपना बेटा होने पर शक करते रहे और कानून का दरवाजा खटखटाने का प्रयास करते रहें पर कोई रास्ता नहीं निकला। अध्यक्ष ने कहा कि संवेदनशील मामला होने के नाते उसे सुनवाई में लिया गया है।

5 लोगों के डीएनए टेस्ट के आदेश
डॉ. किरणमयी नाायक ने कहा चमरू राम बड़ाईक और उनकी पत्नी की शिकायत पर मामले को गंभीरता से लेते हुए कुनकुरी एसडीओपी मनीष कुंवर को जांच के लिए आदेशित किया गया है। वे सीएमएचओ से बातचीत कर चमरू बड़ाईक और उनकी पत्नी कथित बेटा कुलदीप, पिता रोमानियुस और रोमानियुस की पत्नी से हुआ एक दूसरा बेटा इन सभी के डीएनए सैंपल लेकर उसकी जांच कराई जाएगी। रोमानियुस की पत्नी की मौत हो चुकी है।

2 तहसीलदार के खिलाफ शिकायत
महिला आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि जिले के जशपुर तहसील और बगीचा तहसील के तहसीलदारों के खिलाफ शिकायत आई है। दोनों के खिलाफ शासन की जमीन पर अवैध कब्जा कर रहे लोगों के द्वारा की गई है। एक शिकायत बीएसएफ के जवान, एक शिकायत ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकार के खिलाफ भी है। सभी की सुनवाई कर हल करने का प्रयास किया जा रहा है।

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