January 30, 2026

मनोरा: कार्यालय में घुसकर तहसीलदार को जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

मनोरा
सड़क की जमीन पर मकान निर्माण करने वालों को कार्य स्थगित करने का आदेश देने की वजह से बौखलाए निर्माण कर्ताओं ने मनोरा विकासखंड के तहसीलदार को उनके कार्यालय कक्ष में बदसलूकी करने और जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक तहसीलदार सहोदर राम पैंकरा ने 12 अगस्त को चौकी मनोरा में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि आवेदक देवनारायण व उसकी माता सावित्री बाई 2२ अक्टूबर को उसके न्यायालय के समक्ष आवेदन दिया कि अनावेदक राजकुमार बुनकर व विजय कुमार बुनकर के द्वारा छोड़े गए आम रास्ता में मकान निर्माण किया जा रहा है, कार्य पर स्थगन आदेष जारी करने के संबंध में आवेदन पत्र पेश किया था।

उस संबंध में 23 अक्टूबर 2020 को काम रोकने के संबंध में आवेदन स्थगन आदेष दिया था एवं हल्का पटवारी से जांच प्रतिवेदन लिया गया, पटवारी द्वारा दिए गए प्रतिवेदन में अनावेदकगण द्वारा निस्तारीय रास्ता पर मकान निर्माण कराया जाना बताया गया। जांच के आधार पर पाया गया कि अनावेदक विजय कुमार बुनकर के द्वारा खरीदी गई 06 डिसमिल जमीन के स्थान पर 08 डिसमिल जमीन का कब्जा किया है एवं रोड तरफ का 02 डिसमिल अतिरिक्त भूमि पर भी कब्जा किया है, जिसका तहसील न्यायालय मनोरा द्वारा अनावेदक विजय कुमार बुनकर एवं राजकुमार बुनकर द्वारा किये जा रहे मकान निर्माण एवं बाउंड्रीवाल को तत्काल हटाये जाने के लिए आदेष किया गया था, उक्त आदेश का अवहेलना करते हुए अनावेदकगण के द्वारा आदेष का विरोध करते हुए 10 अगस्त की शाम ४ बजे न्यायालय कार्य करते समय अनाधिकृत रूप से कक्ष में प्रवेश कर अनावेदकगण द्वारा स्थगन आदेश तत्काल हटाओ बोलकर मॉं-बहन की गंदी-गंदी गाली देकर जान से मारने की धमकी देते हुए कुर्सी से नीचे उतारकर हाथ से ईशारा करते हुए हंगामा किया।

आवेदक की रिपोर्ट पर चौकी मनोरा में धारा 294, 506 बी, 353 भा.द.वि. एवं एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(द)(घ) 3(2)(5) के तहत् अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। आरोपीगण घटना के बाद से फरार थे। प्रकरण की विवेचना दौरान मुखबीर सूचना पर घेराबंदी कर प्रकरण के आरोपीगण 1-विजय कुमार बुनकर उम्र 53 वर्ष एवं 2- राजकुमार बुनकर उम्र 42 वर्ष दोनों निवासी मनोरा* को घेराबंदी कर अभिरक्षा में लेकर दिनांक २ सितंबर को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। प्रकरण की विवेचना एवं आरोपी को गिरफ्तार करने में स.उ.नि. मनसाय पैंकरा, प्र.आर. 198 मार्टिन खलखो, आर. लोहर साय, आर. गिरजानंद राम, आर. सुखदेव राम, आर. देवनारायण राम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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