February 21, 2026

जिले मे मनाया जा रहा है विश्व स्तनपान सप्ताह

बेमेतरा

वल्र्ड बे्रस्ट फिडिंग बच्चों के स्वास्थ्य और बे्रस्ट फीडिंग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ये सप्ताह मनाया जाता है। प्रत्येक वर्ष की भंाति इस वर्ष भी 01 से 07 अगस्त तक माह का प्रथम सप्ताह ‘विश्व स्तनपान सप्ताहÓ के रूप में मनाया जा रहा है। शिशु के लिए स्तनपान सर्वोत्तम आहार तथा शिशु का मौलिक अधिकार है। मां का दूध शिशु के लिए मानसिक विकास, शिशु को डायरिया, निमोनिया एवं कुपोषण से बचाने और स्वास्थ्य के लिए के आवश्यक है। जिन शिशुओ को एक घण्टें के अन्दंर स्तनपान नही कराया जाता है उनमे नवजात मृत्यु दर की संभावना 33 प्रतिशत अधिक होती है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सतीश शर्मा ने बताया कि इस वर्ष 2021 ‘विश्वस्तनपानसप्ताहÓ का थीम है:-स्तनपान की रक्षा-एक साझी जिम्मेदारी क्वक्कह्म्शह्लद्गष्ह्ल क्चह्म्द्गड्डह्यह्ल द्घद्गद्गस्रद्बठ्ठद्द: ्र स्द्धड्डह्म्द्गस्र क्रद्गह्यश्चशठ्ठह्यद्बड्ढद्बद्यद्बह्ल4, इस वर्ष की थीम इस बात पर जोर देती है कि स्तनपान पूरी दुनियाभर में सभी के अस्तित्व और देखभाल में अपना योगदान दे रहा है। इसलिए स्तनपान की सुरक्षा पूरी मानव जाति की जिम्मेदारी है। स्तनपान सप्ताह के मुख्य बिन्दु:-मां के दूध मे शिशु की आवश्यकतानुसार पानी होता है, 6 माह तक उपर से पानी देने की आवश्यकता नही है। स्तनपान स्तनकैंसर से होने वाली मृत्यु को भी कम करता है।
विभिन्न शोध मे यह स्पष्ट हो चुका है कि स्तनपान से न केवल शिशुओ और माताओं बल्कि समाज और देश को भी कई प्रकार के लाभ होते है। कोविड-19 के दौरान सुरक्षित तरीके से स्तनपान कराया जा सकता है। शिशु के जन्म के तुरंत बाद निकलने वाला मां का पहला दूध कोलोस्ट्रम, बच्चे के लिए पहले टीके की तरह है, जो विटामिन ए और एंटीबॉडी युक्त होता है। स्तनपान बच्चों में श्वसन पथ के संक्रमण, मधुमेह, दस्त, युरिनरी इन्फेक्शन एवं एलर्जी रोगों से भी बचाता है। स्तनपान से बच्चे का आईक्यु को भी बड़ाता है। माताओं में स्तनपान कराने से बड़ा हुआ वजन नियंत्रित होता है, इसके अलावा फिडिंग से महिला का मधुमेह, हाईपर टेंशन और पोस्टपार्टम डिप्रेशन जैसी समस्याओं से बचाव होता है। स्तनपान को बड़ावा दिये जाने हेतु ढ्ढरूस् ्रष्टञ्ज (ढ्ढहृस्न्रहृञ्ज रूढ्ढरु्य स्क्चस्ञ्जढ्ढञ्जञ्जश्व स्नश्वश्वष्ठढ्ढहृत्र क्चह्रञ्जञ्जरुश्व ्रहृष्ठ ढ्ढहृस्न्रहृञ्ज स्नह्रह्रष्ठ) लागू किया गया है, जो दो साल तक के बच्चो के लिए प्रचार किये जाने वाले खाद्य पदार्थो के सभी रूपो पर व्यापक रूप से प्रतिबंध लगाता है।

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