अंतर्कलह के बीच हुआ राजीव भवन का उद्घाटन, एक कार्यालय का दो-दो बार कटा फीता
सरगुजा
पूर्व प्रधान मंत्री स्व. राजीव गांधी की जयंती पर शुक्रवार को सरगुजा जिले के नव निर्मित कार्यालय राजीव भवन का उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम में सीएम भूपेश बघेल के साथ ही वरिष्ठ नेता वर्चुअल माध्यम से जुड़े जबकिं सरगुजा में उद्घाटन कार्यक्रम में प्रदेश के स्वाथ्य मंत्री टीएस सिंहदेव व खाद्यमंत्री अमरजीत भगत ने शिरकत की। इस पूरे कार्यक्रम में कांग्रेस दो खेमे में बंटी दिखी एक खेमा स्वास्थ्य एवं पंचायत मंत्री का तो वहीं मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाला दूसरा खेमा अमरजीत भगत का, दोनो ही खेमे के समर्थको बीच खींचतान के स्थिति बनी रही. लंबे समय बाद सरगुज़ा आये टी एस सिंहदेव जब राजीव भवन के लिए निकले तो उनके साथ कार्यकर्ताओ का विशाल समूह एकत्र हो गया और अपने नेता को देख कार्यकर्ता जयघोष करने लगे। जैसे ही बाबा कार्यकर्ताओं के साथ सभा स्थल पर पहुंचे तो बाबा के जयघोष के नारे अमरजीत समर्थकों को इतने खल गये की दूसरी ओर से अमरजीत भगत जिंदाबाद की आवाज बुलंद की गई. जिसके बाद दोनों ही खेमे के समर्थकों में संघर्ष दिखा।
महापौर के स्वागत द्वार को गिराया
राजीव भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में घडी चौक से लेकर कार्यक्रम स्थल बैनर पोस्टर से अटा पड़ा है। ऐसे में शहर के प्रथम नागरिक महापौर डॉ. अजय तिर्की का भी बोर्ड गेट के रूप में दोनों तरफ लगाया गया था लेकिन कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने इस गेट को भी गिरा दिया। लोगों का कहना है कि कुछ लोगों द्वारा जानबूझकर गेट को गिराया गया है ।
पहले सिंहदेव व जिलाध्यक्ष गुप्ता ने काटा फीता
फिर मंत्री भगत से कार्यकर्ताओं ने दोबारा कटवाया फीता
कार्यक्रम के दौरान पार्टी में गुटबाजी जमकर नजर आई। राजीव भवन के उद्घाटन अवसर पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कार्यालय का फीता काटकर उद्घाटन किया। इसके बाद कला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में जाने से पहले प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत से कार्यकर्ताओं ने दुबारा फीता कटवाया जिसके बाद कार्यक्रम में तरह तरह की बातें शुरू हो गई। इस संबंध में स्वास्थ्य एवं पंचायत मंत्री टी एस सिंहदेव ने चुटकीले अंदाज में कहा की मैने तो देखा नही, कभी सुनाई नही देता है कभी दिखता नही है। सिंहदेव के इस बयान को उस घटना से जोड़कर देखा जा रहा है जिसमे शराबबंदी के सवाल पर मंत्री अमरजीत भगत ये कहकर निकल गए थे की मुझे सुनाई नही दिया।
मांदर बजाकर झूमे मंत्री भगत, फि र फि सले
राजीव भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में शैला, सुगा नृत्य का सिलसिला भी चलता रहा। इस दौरान कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे खाद्यमंत्री अमरजीत भगत भी खुद को रोक नहीं पाए। मंत्री ने मांदर बजाकर व गीत गाकर खुशी का इजहार किया। बैठकर मांदर बजाने के बाद उठते समय मंत्री भगत फि सल गए। मंत्री को फि सलता देख अगल बगल मौजूद कार्यकर्ताओं ने उन्हें संभाला।
जिलाध्यक्ष को बैठना पड़ा जमीन पर
राजीव भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में अमरजीत समर्थकों ने कुर्सी पर ऐसा कब्जा किया की सीनियर और जूनियर के प्रोटोकॉल का भी ख्याल नहीं रहा जिस कारण कुछ इस तरह की स्थिति बनी की कार्यक्रम के दौरान पार्टी के जिलाध्यक्ष को ही बैठने के लिए कुर्सी नहीं मिली जबकि मुख्य कार्यक्रम ही जिलाध्यक्ष का था। कुर्सी नहीं मिलने की स्थिति में जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता को मजबूरन जमीन पर बैठना पड़ा। इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव समर्थकों को भी जमीन पर बैठकर पूरा कार्यक्रम अटेंड करना पड़ा।
कुछ वरिष्ठ कांग्रेसी और कांग्रेस जिलाध्यक्ष की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ
बड़ी बात यह रही कि पूर्व निर्धारित इस कार्यक्रम में कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी व पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी शामिल नहीं हुए। शीर्ष नेतृत्व के भी वर्चुअल माध्यम से जुडऩे की बात कही जा रही थी लेकिन उनके शामिल नहीं होने से अनेकों प्रकार के कयास लगाए जा रहे है।
इन्ही वजहों से 15 साल सत्ता से बाहर रही कांग्रेस
वहीं के पूरे घटनाक्रम के बाद मंत्री टी एस सिंहदेव का बेहद कड़ा बयान सामने आया है, जब उनसे पूछा गया की आप दोनों के जयकारे लगे ये कैसी स्थिति है, इस सवाल पर सिंहदेव ने कहा की ये नही होना चाहिए यर अप्रिय स्थिति है, मैंने भी देखा की नाम ले लेकर नारे लगाने की जो प्रवत्ति है हमने जोगी जी के समय मे देखा है कि ये होता था और इसका परिणाम ये रहा की 15 साल तक कांग्रेस सत्ता से बाहर रही , नारे लगे तो केवल राजीव जी वो अमर रहें जिनकी स्मृति में ये भवन बना है, सोनिया जी और राहुल जी के नारे लगें।
नारेबाजी कर शक्ति प्रदर्शन
कार्यक्रम के दौरान दो गुटों के बीच नारेबाजी कर शक्ति प्रदर्शन का सिलसिला लम्बे समय तक चलता रहा। जैसे ही कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव पहुंचे तो उनके समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। नारेबाजी का यह सिलसिला मुख्य गेट से लेकर तीसरी मंजिल में चल रहे कार्यक्रम स्थल तक चला। हॉल तक स्वास्थ्य मंत्री के समर्थक नारेबाजी करते पहुंचे। यह देख मंत्री अमरजीत भगत के समर्थकों ने भी नारेबाजी शुरू कर दी। लगभग 10 से 15 मिनट तक नारेबाजी का सिलसिला चलता रहा जिसके बाद दोनों ओर से वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को शांत कराया।

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