June 16, 2024

बसंतोत्सव 2023-ऑनलाइन काव्य संगोष्ठी में शामिल हुए देश- दुनिया के प्रसिद्ध कवि, मैसूर कर्नाटक की साहित्य मधुशाला ने 11 फरवरी को किया था ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन, बेंगलुरु के आनंद दाधीच ने किया दीप प्रज्वलन, तो मंच संचालन किया संस्थापक अध्यक्ष उषा केडिया ने

सक्ति– देश विदेश के जाने माने रचनाकारों के साथ मैसूर की जानी मानी संस्था साहित्य मधुशाला द्वारा 11 फरवरी 2023 को ऑनलाइन काव्य गोष्ठी के रूप में वसंतोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया,इस दौरान कवि- कवयित्रियों ने अपनी सुंदर स्वरचित रचनाओं को प्रस्तुत कर कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए, कार्यक्रम की अध्यक्षता बैंगलुरु के जाने माने साहित्यकार आनंद दाधीच ने दीप प्रज्वलन के साथ की,कार्यक्रम का सुंदर संचालन संस्थापक अध्यक्ष  ऊषा जैन केडिया ने अपने चिर-परिचित अन्दाज़ में चार पंक्तियों के माध्यम से सबको बारी बारी से रचना प्रस्तुत करने हेतु आमंत्रित करके किया,डॉ॰ अरुणा मूणोत(चेन्नई )द्वारा सरस्वती वन्दना के बाद बैंगलोर के प्रतिष्ठित कवि नंद सारस्वत स्वदेशी ने …पत्ता-पत्ता बूटा-बूटा महक उठा है आज ऋतु राज बसंत पर बहुत सुंदर रचना पढ़ी। चेन्नई कि कवयित्री डॉ अरुण मूणोत ने भगवान महावीर के दार्शनिक भाव को दर्शाती रचना…तूफ़ानो में सहज धीर हो जाना को पढ़ा। काठमाण्डू नेपाल के वरिष्ठ कवि जयप्रकाश अग्रवाल ने इनसान की फितरत को बताती रचना…देखूँगा ऐसा भी मंज़र पता न था में व्यक्त किया।बैंगलोर के जाने माने कवि जैन राजेंद्र गुलेच्छा राज ने अपनी रचना …..जतन जितने भी कर लो तुम एक शमा जलाने के लिए, खरसिया की कवयित्री अनामिका ने स्त्री की दशा को अभिव्यक्त करती ….क्या लिखु रचना को पढ़ा।टाटानगर के कवि प्रमोद खीरवाल ने …आज देखा ज़ाम से ज़ाम फिर टकराये।हल्दौर के कवि प्रमोद चौहान ने प्रेम रस की बरसात अपने मुक्त को ….जरा-जरा सी बात पर आँसू बहाया नहीं करते द्वारा की।संस्था अध्यक्ष उषा केडिया ने बसंत ऋतु पर प्रकृति के रूप को दर्शाती रचना …जिधर उठी नज़र नज़ारा तेरा ही है को पढ़ा। बैंगलोर के युवा कवि आनंद दाधीच ने राम विवाद पर अपनी रचना …..यक़ीन के दिवारो पर, नाम श्री राम लिखेंगे पढ़कर एक जोश जगा दिया

अंत में अंबिकापुर से प्रेमलता व चापा से मुकेश सिंघानिया ने अपनी ग़ज़लो से मंच को महका दिया,प्रस्तुतियों पर कार्यक्रम के अध्यक्ष आनंद दाधीच ने सभी रचनाओं की बहुत ही सुंदर समीक्षा की। अंत में राजेंद्र गुलेच्छा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के पश्चात गोष्ठी का विधिवत समापन हुआ,ज्ञातव्य है कि इस साहित्य संस्था से अनेक जाने माने कवि रचनाकार जुड़े हुए हैं। इस संस्था में प्रति सप्ताह विषयोत्सव प्रतियोगिता होती है एवं प्रति मास काव्य गोष्ठी का सुंदर आयोजन होता रहता है

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