April 19, 2024

5122 लड़कियों व महिलाओं को शिक्षा व कौशल विकास में मददः शालू जिन्दल

झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में “यशस्वी योजना” के तहत जेएसपी फाउंडेशन आर्थिक रूप से कमजोर लड़कियों-महिलाओं को बना रहा सशक्त
मेडिकल, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, समाज विज्ञान एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए कुल 5630 लड़कियों और महिलाओं को फाउंडेशन दे रहा सहयोग

रायपुर, जाने-माने उद्योगपति नवीन जिन्दल के नेतृत्व वाली कंपनी जिन्दल स्टील एंड पावर (जेएसपी) की सामाजिक सेवा शाखा जेएसपी फाउंडेशन ने महत्वाकांक्षी “यशस्वी” योजना का दायरा बढ़ाते हुए शिक्षा एवं कौशल विकास में सहयोग करने के लिए झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि की 5122 लड़कियों और महिलाओं का चयन किया है। इस योजना के तहत मेडिकल, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, समाज विज्ञान और व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनने के सपने देख रहीं कुल 5630 लड़कियों और महिलाओं को आर्थिक मदद दी जा रही है।
जेएसपी फाउंडेशन की चेयरपर्सन शालू जिन्दल ने इस योजना का शुभारंभ करते हुए कल देर शाम 5122 लड़कियों और महिलाओं को छात्रवृत्ति का पत्र प्रदान किया। जिन्दल ने इस अवसर पर कहा कि “समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की अनेक महिलाओं और लड़कियों के लिए गुणवत्ता युक्त शिक्षा और कौशल विकास अभी भी एक बड़ी चुनौती है। यशस्वी योजना उच्च शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमें खुशी है कि इस योजना के प्रथम चरण की लाभार्थी अनेक बेटियों को प्रशिक्षण के बाद रोजगार मिल गया है। हमें उम्मीद है कि दूसरे चरण में आज जिन्हें छात्रवृत्ति दी गई है, उससे और अधिक महिलाओं और लड़कियों को अपने सपने साकार करने का अवसर मिलेगा।”
इस कार्यक्रम में जेएसपी फाउंडेशन की सलाहकार समिति की सदस्य सुश्री यशस्विनी जिन्दल भी उपस्थित थीं, जिन्होंने यशस्वी योजना को कार्यरूप देने में अहम भूमिका निभाई। इस अवसर पर उन्होंने छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाली महिलाओं और लड़कियों को प्रोत्साहित भी किया।
यशस्वी योजना जेएसपी फाउंडेशन की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड की आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की प्रतिभाशाली महिलाओं और लड़कियों को शिक्षा और कौशल विकास के लिए वित्तीय मदद प्रदान की जाती है। चयनित छात्राओं को उनकी पसंद के संस्थान/कॉलेजों में व्यावसायिक/सामान्य शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए पाठ्यक्रम शुल्क और अन्य संबद्ध शुल्क के मद में वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। अगस्त 2022 में शुरू हुए पहले चरण में 508 लड़कियों को सहयोग मिला। जेएसपी फाउंडेशन ने वित्त वर्ष 2022-23 में इस मद में 12 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं।
यशस्वी योजना के दूसरे चरण के लिए 10 हजार से अधिक आवेदन आए, जिनमें से 10 राज्यों की 326 संस्थाओं में दाखिला लेने वाली 5122 छात्राओं का चयन किया गया। इनमें 2823 मेडिकल, डेंटल, इंजीनियरिंग, प्रबंधन, वाणिज्य, कंप्यूटर साइंस, नर्सिंग, सामाजिक विज्ञान, कानून, सामाजिक कार्य, औषधि आदि की पढ़ाई कर रही हैं जबकि 2299 सौंदर्य चिकित्सा, सिलाई-कढ़ाई, कंप्यूटर हार्डवेयर, आईटी, रिटेल मैनेजमेंट, सेवा-सत्कार, डाटा एंट्री जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम जुड़ी हुई हैं। जेएसपी फाउंडेशन इन सभी छात्राओं के लिए निर्धारित आर्थिक मदद की राशि सीधे संबंधित संस्थानों को भेजेगा। समूह के सीएसआर प्रमुख प्रशांत कुमार होता ने कार्यक्रम पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर जेएसपी के सीईओ (स्टील) श्री डीके सरावगी, रायगढ़ प्लांट के कार्यकारी निदेशक सब्यसाची बंद्योपाध्याय, तमनार के कार्यकारी निदेशक  छबिनाथ सिंह समेत अनेक गण्यमान्य लोग उपस्थित थे। जेएसपी-अंगुल के कार्यकारी निदेशक हृदयेश्वर झा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज-सुंदरगढ़ (ओडिशा) से एमबीबीएस कर रहीं सुश्री प्रियंका बिसोयी समेत अनेक छात्राओं ने जेएसपी फाउंडेशन का आभार जताते हुए कहा कि वे अब अपने सपने साकार करेंगी।

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