February 25, 2024

चांपा के मोदी परिवार ने महिला सदस्य के निधन पश्चात तत्कालिक निर्णय लेते हुए किया नेत्रदान-महादान जैसा पुनीत कार्य

चांपा के समाजसेवी सुशील मोदी की माताजी विमला देवी मोदी का हुआ नेत्रदान

जिला चिकित्सालय जांजगीर में नेत्रदान की व्यवस्था के आभाव में सिम्स बिलासपुर के चिकित्सकों ने चाम्पा पहुंचकर करवाया नेत्रदान

प्रत्येक जिलों में प्रशासन को करनी चाहिए नेत्रदान की व्यवस्था, लोग संकल्प पत्र भरने के बावजूद नेत्रदान करने के लिए होते हैं परेशान

सकती-कहते हैं मनुष्य के मरणोपरांत भी उसके अंग न जाने किस को जीवनदान दे जाएं तथा पूरे देश में जहां नेत्रदान- महादान को लेकर एक जागरूकता का काम शासन, स्वयंसेवी, सामाजिक संस्थाएं जोरों से कर रही हैं,एवम नेत्रदान के संकल्प पत्र भरवाकर लोगों को इस दिशा में पहल करने की बात कह रही हैं

तो वही चांपा शहर के प्रतिष्ठित मोदी परिवार ने भी ऐसा ही कुछ एक पुनीत कार्य किया है,चांपा के प्रतिष्ठित बैजनाथ राइस मिल के संचालक एवं सदर बाजार तथा कोरबा रोड चांपा निवासी सुशील मोदी एवं सुनील मोदी की पूज्य माता जी विमला मोदी जी धर्मपत्नी मिट्ठूलाल मोदी उम्र- 74 वर्ष का 1 जून 2022 को आकस्मिक निधन हो गया, तथा विमला मोदी के निधन पश्चात मोदी परिवार ने अनुकरणीय पहल करते हुए अपनी पूज्य माता जी के मरणोपरांत उनकी नेत्रदान करने का संकल्प लेते हुए तत्काल स्थानीय चिकित्सकों से संपर्क किया जिस पर जिला चिकित्सालय जांजगीर चांपा से इस नेत्रदान के संबंध में चर्चा की गई, किंतु जिला चिकित्सालय में नेत्रदान के लिए कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण मेडिकल कॉलेज बिलासपुर एवं रायपुर से भी चर्चा कर बताने की बात कही गई, किंतु इसी बीच जांजगीर से किसी सज्जन द्वारा जानकारी दी गई कि रायपुर या बिलासपुर से चिकित्सकों की टीम आ सकती है, जिस पर तत्काल मेडिकल कॉलेज बिलासपुर सिम्स के चिकित्सकों से संपर्क कर पांच चिकित्सकों को मोदी परिवार ने स्वयं अपने निजी वाहन से बिलासपुर से चांपा लाकर अपनी दिवंगत पूज्य माताजी विमला मोदी के मरणोपरांत उनका आंखों की सर्जरी कर नेत्रदान जैसा पुनीत कार्य किया

एवं इस कार्य में चाम्पा के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉक्टर मनोहर गुलाबानी के छोटे भाई मुकेश उर्फ मुक्कू ने उपरोक्त चिकित्सकों से चर्चा कर नेत्रदान के इस पुनीत कार्य को संभव कर दिखाने में अपना योगदान दिया, तथा उल्लेखित हो कि निधन से पूर्व मोदी परिवार द्वारा अपनी पूज्य माता जी के नेत्रदान संबंधी कोई संकल्प पत्र नहीं भरा गया था, किंतु इसके बावजूद एकाएक अनुकरणीय कार्य करने के जज्बे ने मोदी परिवार को इसके लिए प्रेरित किया तथा उन्होंने यह पुनीत कार्य कर दिखाया, जिसकी चारों ओर काफी प्रशंसा हो रही है, एवं स्वर्गीय विमला मोदी भाजपा के पूर्व जिले के कोषाध्यक्ष ग्यारसीलाल मोदी जी भाभी जी है, एवं इनका अंतिम संस्कार चांपा के मुक्तिधाम में किया गया,लोगों ने विमला मोदी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है

उल्लेखित हो कि आज पूरे देश में जिस तरह से नेत्रदान एवं देहदान को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, तथा उस स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को प्रत्येक बड़े शहरों में नेत्रदान करवाने की व्यवस्था उपलब्ध करवानी चाहिए, क्योंकि मरणोपरांत संबंधित मृतक के परिवार जन यदि नेत्रदान करवाने की इच्छा भी रखते हो, तो व्यवस्था न हो पाने के कारण यह कार्य संभव नहीं हो पाता, तथा स्वास्थ्य विभाग चाहे तो इन दिशाओं में सकारात्मक पहल करते हुए इस जागरूकता अभियान को धरातल पर उतार सकता है, विगत वर्षों में शिवरीनारायण के भी सुल्तानिया परिवार के साथ कुछ ऐसा ही देखने को मिला था, जब समाजसेवी सत्यनारायण सत्तू सुल्तानिया जी के निधन पश्चात नेत्रदान के लिए उन्हें अपोलो चिकित्सालय बिलासपुर ले जाकर उनका नेत्रदान करवाए गया था

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